पहला बाजि हार गया: रवि कुमार साह

17 Dec 2017, Monday

Malaysiaa

दुनिया को Be happy will happy कहने बाले आज खुद हि इतने sad और मजबुर है कि अपने घरवालो को भी फोन नहि कर सकता ।

लोग कहते थे कि जितना बडा सोचोगे उतना बडा बनोगे मगर आज ऐसी हालात मे हु कि किसीको बता भी नहि सकता । आज २० दिन से कैसे जि रहा हु मै खुद हि जानता हु।

अक्सर मेरी माँ कहती थी “बेटा दुनिया मे खुदको मत ढूढो, खुद मे दुनिया ढूँढो”। आज वो बात समझ मे आयी है। खुद कि जिद्द्पे डेढ (१.५)लाख खर्च करके मलेसिया तो आये लेकिन color blindness होने के कारण से मेडिकल मे फेल हो गये।

जिन्दगीमे पहली बार घर से बाहर निकले थे कुछ काम करने को वो भी ना मिला। १.५ लाख जो कर्ज लेकर आए थे वो कैसे चुकाउँगा। पहला बाजि जिन्दगी का हार गया हु आज।

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